आदर्श पंचायत मोखुंदा समस्याओ का दूसरा नाम : बस स्टेंड सुविधा घर के बाहर गंदगी का आलम, सड़कों पर बहता गंदा पानी, अतिक्रमण का जंजाल

बंशी माली गोवलिया
रायपुर उपखंड मोखुंदा की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत मोखुंदा जो की यह ग्राम पंचायत बरसों पूर्व से आदर्श ग्राम पंचायत के रूप में इसे जाना जाता रहा है। लेकिन पंचायत प्रशासन की लापरवाही व अदूरदर्शिता के चलते आदर्श पंचायत मोखुंदा विगत लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं के नाम समस्या ग्रस्त बना हुआ है। पंचायत के पास विकास के नाम अच्छा खासा फंड आता होगा पर पंचायत के ठेकेदारों की लापरवाही के चलते मोखुंदा की जनता आज भी कई समस्याओं का सामना कर रही है।
ग्राम पंचायत मोखुंदा का बस स्टैंड जहां पर प्रतिदिन आवरी माता जी झडोल, गंगापुर बसो का आना जाना है, तो इसी बस स्टैंड पर फतहनगर वाया फतेहनगर वाया कुंवारिया होकर कई बसों का आना-जाना आमेट देवगढ़ मारवाड़ तक होता है । प्रतिदिन यहा से करीब तीन दर्जन से अधिक बसों का आवागमन बना हुआ है। लेकिन यात्रियों व ग्रामीणों के लिए सुविधा घर के नाम पर बस स्टैंड आज भी मोहताज बना हुआ है। इस बस स्टैंड पर पंचायत की देखरेख में बना सार्वजनिक शौचालय जो की महिलाओं एवं पुरुषों के लिए अलग अलग बना हुआ है। इस शौचालय के बाहर इतनी गंदगी पसरी हुई है, कि अंदर जाने तक की कोई हिम्मत नहीं कर पा रहा है। ऐसे में पुरुष यहा खुले में ही इस शौचालय का उपयोग करने के लिए मजबूर बना हुआ है। इस पंचायत के इस लापरवाही के कारण महिलाओं के लिए यहां का शौचालय पूर्ण रूप से असुरक्षित बना हुआ है।
बहता गंदा पानी स्कूली छात्र छात्राओं पर ज्यादा असर
समस्या ग्रस्त इस पंचायत नें भले ही पंचायत साफ सफाई के नाम पर करीब ढाई तीन सफाई कर्मियों को लगा रखा हो तथा इन्हें मासिक मानदेय के रुपए ₹21 हजार का भुगतान किया जा रहा हो। लेकिन कस्बे की अधिकांश नालियां हर समय प्लास्टिक थैलियों व गंदगी से भरी पड़ी हुई रहती है। नालियों के चोक हो जाने से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। ग्रामीणों की काफी शिकायत के बावजूद पंचायत खामोश है। यही नहीं इस पंचायत द्वारा बस स्टैंड स्थित चौराहे पर बेस कीमती जमीन पर अतिक्रमण करें रका आदर्श पंचायत के पास विगत 5 वर्षों से अतिक्रमण को हटा नही
ग्रामीणों के द्वारा कई बार शिकायतें, प्रशासन का ध्यान शून्य
लिहाजा यह स्थान भी अनुपयोगी साबित हो गया है। इस क्षेत्र मे रहने वालों ग्रामीणों सहित सोशल मीडिया प्रभारी मोहम्मद अशरफ रंगरेज मोखुंदा ने बताया कि बस स्टैंड पर स्थित सार्वजनिक शौचालय की दुर्दशा से व्यापारी भी परेशान है मोखुंदा पंचायत की समस्या यहीं खत्म नहीं होती। गंगापुर से आने वाला मुख्य प्रवेश द्वार विगत कई वर्षों से गंदगी से सराबोर पड़ा है। नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से यहां पर भी निराश्रित गोवंश, सूअर तथा कुत्तों का आतंक इस गंदगी पर बना हुआ है।
समस्या का दूसरा नाम मोखुंदा की विकास पंचायत केवल नाम की विकास पंचायत बनी हुई है। आधुनिक युग में भी ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के लिए भी तरस रहे हैं।
रात्रि कालीन समय में रोड लाइटों के माध्यम से दिए जाने वाली रोशनी भी बराबर नहीं मिल पा रही है। पंचायत के पास बिजली बिल भरने का तक का पैसा नहीं है।



