तेंदुए के हमले से घायल महिला, वन विभाग ने लगाया पिंजरा

तेंदुए के हमले से घायल महिला, वन विभाग ने लगाया पिंजरा;
( ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील)
गंगापुर (दिनेश लक्षकार)
गंगापुर के निकटवर्ती क्षेत्र बालाजी नगर, आमली का खेड़ा में एक महिला पर तेंदुए ने हमला कर दिया। पीड़िता किशन जाट की पत्नी समता देवी सुबह लगभग 7 बजे खेत में गेहूं काटने पहुंची थीं। जैसे ही वे झुककर काम शुरू करने लगीं, तेंदुए ने अचानक उन पर हमला बोल दिया।महिला ने हिम्मत नहीं हारी और खड़ी होकर हाथ में मौजूद दालती (गेहूं काटने का औजार) से तेंदुए का मुकाबला किया। तेंदुए ने दो-तीन बार हमला किया, जिसमें समता देवी के सिर, हाथ और पैरों पर तीन-चार जगह गहरे नाखूनों के घाव हो गए। परिवार वालों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग सक्रिय हो गया। उपवन संरक्षण, भीलवाड़ा के निर्देशन में क्षेत्रीय वन अधिकारी गीता शर्मा के नेतृत्व में टीम—फॉरेस्टर नारायण सिंह, शंभू सिंह और सोनू शर्मा—मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और तेंदुए के मूवमेंट को देखते हुए वहां पिंजरा(ट्रैप केज) लगाया गया।वन अधिकारी गीता शर्मा ने बताया कि इस क्षेत्र में तेंदुए का लगातार आवागमन देखा जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों और आसपास के किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा, “फसल कटाई का मौसम है, इसलिए काश्तकार सुबह-शाम अकेले खेत में काम न करें। हाथ में लकड़ी या डंडा जरूर रखें। खेत में जाते समय बातचीत करते हुए जाएं, अचानक काम शुरू न करें। पहले पत्थर फेंककर या कोई हलचल करके जांच लें कि कोई खतरा तो नहीं।”उन्होंने मीडिया के माध्यम से गंगापुर और आसपास के क्षेत्र की जनता से अपील की है कि वन्यजीवों से बचाव के लिए अपनी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए भी विभाग द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं।
यह घटना मानव-वन्यजीव संघर्ष को एक बार फिर उजागर करती है, खासकर फसल कटाई के मौसम में जब लोग खेतों में अधिक समय बिताते हैं। वन विभाग ने लोगों से अनुरोध किया है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या तेंदुए के दिखाई देने पर तुरंत सूचना दें।




